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भूलकर भी ना करें यह काम वर्ना होगा वास्तुदोष

कहीं वास्तु दोष तो नहीं कर रहा पति-पत्नी के बीच प्रेम कम?

विवाह हमारे पारम्परिक सोलह संस्कारों में से एक है, जीवन के एक पड़ाव को पार करके किशोरावस्था से युवास्था में प्रवेश करने के बाद व्यक्ति को जीवन यापन और सामाजिक ढांचे में ढलने के लिए एक अच्छे जीवन साथी की आवश्यकता होती है और जीवन की पूर्णता के लिए यह आवश्यक भी है परन्तु हमारे जीवन में सभी चीजें सही स्थिति और सही समय पर हमें प्राप्त हो ऐसा आवश्यक नहीं है इसमें आपके भाग्य की पूरी भूमिका होती है और जन्मकुंडली इसी भाग्य का प्रतिरूप होती है जहाँ बहुत से लोगो का वैवाहिक जीवन शांति और सुखमय व्यतीत होता है वहीं बहुत बार देखने को मिलता है के व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में हमेशा तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी रहती है आपस में वाद विवाद या किसी ना किसी बात को लेकर वैवाहिक जीवन में उतार चढ़ाव की स्थिती बनी ही रहती है ऐसा वास्तव में व्यक्ति की जन्मकुंडली में बने कुछ विशेष ग्रह योगों के कारण ही होता है आईये इसे ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जानते हैं।

  • जब दंपत्ति एक ही बेड पर दो अलग-अलग गद्दे का उपयोग करते हैं तो उनके बीच होने वाला मतभेद बढ़ने की संभावना और अधिक हो जाती है।
  • पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाये रखने के लिए बेड को कभी भी घर के बीम के नीचे नहीं लगाना चाहिए। बीम अलगाव का प्रतीक माना जाता है जो रिश्तों में दूरियां लाता है।
  • नवविवाहित दंपत्ति को संतान प्राप्ति तक वायव्य यानी उत्तर पश्चिम या उत्तर दिशा के मध्य के शयन कक्ष में सोना चाहिए। इससे प्रेम बढ़ता है और जल्दी संतान प्राप्ति की इच्छा पूरी होती है।
  • पति-पत्नी के संबधो में मजबूती के लिए बैडरूम की दिवारों को गुलाबी या पीले रंग से कलर करवाना चाहिए। और छत पर यदि लोहे की गाटर लगी हो तो उसके नीचे बैड नही लगाना चाहिए।
  • वैवाहिक जीवन में मधुरता के लिए घर में रोजाना या कम से कम सप्ताह में एक बार नमक मिले पानी का पौछा अवश्य लगाये।
  • यदि पति-पत्नी में ज्यादा कलह रहती है तो घर के लिए आटा शनिवार को ही पिसवाएं या खरीदे। इस आटे में यदि कुछ पिसे काले चने का आटा भी मिला सके तो ज्यादा शुभ परिणाम सामने आते हैं।
  • पति-पत्नी जिस कमरे में सोते है उस कमरे में ड्रेसिंग टेबल नहीं होना चाहिए। यदि ड्रेसिंग टेबल उसी कमरे में रखना पड़े तो उससे इस प्रकार रखे की सोते और उठाते समय उस पर नजर ना पड़े। यदि ऐसा करना अनिवार्य हो तो रात को सोने से पहले उसके शीशे को किसी चादर से ढक देना चाहिए।
  • पति-पत्नी में मधुर संबधो के लिए बैडरूम की दिवार पर राधा-कृष्ण, खिले हुए गुलाब, या हंसते हुए बच्चे का चित्र लगाना भी शुभ माना जाता है।
  • पति-पत्नी के बीच का प्रेम और विश्वास बनाए रखने के लिए बिस्तर पर बिछे तकिए का खोल और चादर दो तीन दिनों में जरूर बदलने चाहिए।
  • पति एवं पत्नी के संबंधों में परस्पर प्रेम व मधुरता बढ़ाने हेतु सोने के कमरे में बिस्तर पर लाल रंग की चादर या कम्बल या रजाई आदि का प्रयोग करने से भी काफी लाभ मिलता है। कमरे में कोई भी जल का स्रोत अथवा जल का चित्र एवं असली पौधा नहीं होना चाहिए। सोते समय दंपत्ति सिर या पैर सीधे दरवाजे की तरफ नहीं होने चाहिए एवं बिस्तर के ऊपर कोई प्रत्यक्ष दिखती हुई बीम नहीं होनी चाहिए।
  • आजकल धातु से निर्मित पलंगों का चलन काफी बढ़ गया है लेकिन वास्तु की मान्यताओं के अनुसार धातु निर्मित पलंग दाम्पत्य जीवन में टकराव व कटुता की भावना उत्पन्न करता है। अतः पलंग धातु का न बनवाकर लकड़ी का ही बनवाना चाहिए।
  • विवाहित दंपत्ति का एक साथ खिंचा हुआ चित्र शयनकक्ष के अन्दर उसकी दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने से दाम्पत्य जीवन का तनाव दूर होता है।

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