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21 से 29 सितंबर तक है इस बार नवरात्रि

प्रिय पाठकों/मित्रों, नवरात्री अर्थात “नौ रातों का समूह”| नवरात्री 9 दिनों तक मनाया जाने वाला एक हिन्दू पर्व है, जिसमें 9 दिनों तक माँ दुर्गा की 9 अलग-अलग देवी शक्ति रूपों को पूजा जाता है |नौ देवियों के नाम और अर्थ उनके महत्व के अनुरूप भिन्न-भिन्न है | नवरात्र शक्ति महापर्व पूरे भारतवर्ष में बड़ी श्रद्धा व आस्था के साथ मनाया जाता है. भारत ही नहीं पूरे विश्व में शक्ति का महत्व स्वयं सिद्ध है और उसकी उपासना के रूप अलग-अलग हैं. समस्त शक्तियों का केन्द्र एकमात्र परमात्मा है परन्तु वह भी अपनी शक्ति के बिना अधूरा है. सम्पूर्ण भारतीय वैदिक ग्रंथों की उपासना व तंत्र का महत्व शक्ति उपासना के बिना अधूरा है |

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार नवरात्रि के 9 दिनों में देवी दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की परंपरा सनातन काल से चली आ रही है. इन 9 दिनों में पवित्रता और शुद्धि का विशेष ध्यान रखा जाता है | मान्यता है कि इन नियमों के विधिपूर्वक पालन और श्रद्धापूर्वक की गयी पूजा से देवी दुर्गा की कृपा से साधकों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इससे जीवन और घर में नकारात्मक उर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक उर्जा का संचार होता है |

नवरात्रि हिन्दूओं का एक पवित्र त्यौहार है। नवरात्रि का त्यौहार हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार सभी देवताओं में  शक्तिशाली देवी दुर्गा को पूर्णतः समर्पित है। नवरात्रि का त्यौहार नौ दिन मनाया जाता है |ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की इस दिन देवी का आर्शीवाद पाने हेतु और अपने जीवन के दुख दूर करने करने के लिए मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना करते है। ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों को प्यार, निर्भयता, साहस और आत्मविश्वास और कई अन्य दिव्य आर्शीवाद देती है।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, नवरात्र अश्विन की शुक्ल पक्ष के पहले दिन शुरू होता है। इन्हीं नौ दिनों कि अवधि के दौरान माता दुर्गा ने महिषासुर राक्षस को मार डाला था, देवी दुर्गा का, देवी माँ के रूप में विशेष धार्मिक महत्व है।

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की नवरात्रि का त्योहार सच्ची भक्ति और पवित्रता के साथ पूरे भारत और विदेशों में भी मनाया जाता है। किसी भी जाति,  धर्म व समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मंदिरों में माता के दर्शन मात्र करने और माँ के चरणों में पूजा की पेशकश करके इस त्योहार को मनाते हैं। कई जगहों पर देवी की विशेष पूजा भी कि जाती है और पंडालों के फूलों व लाइटों से सजाया जाता है और माँ दुर्गा की 9 छवियों की मूर्तियों की स्थापना पंडालों में कि जाती है।




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