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सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सबरीमाला मंदिर पर सुनवाई

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को भी सुनवाई हुई। सुनवई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन को कहा कि अगर लैंगिक भेदभाव ना हो तो सबकुछ मंजूर है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप वर्गीकरण कर रहे हैं। क्या कोई जौविक घटना भेदभाव का आधार हो सकती है। कोर्ट के टिप्पणी के जवाब में मंदिर मैनेजमेंट ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जिस जगह पर महिलाओं का प्रवेश निषेध है वो पवित्र है और यह परंपरा सैकड़ों सालों से चली आ रही है। मंदिर प्रशासन ने उदाहर दियाकिजब आर्म्ड फोर्सेस में रिक्रूटमेंट होते हैं तो उसमें 18-24 वर्ष के बीच के लोगों को ही लिया जाता है। यह वर्गीकरण हो सकता है लेकिन उसका कारण सहनशीलता है.




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